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आजम ख़ान एवं बिलावल भुट्टो के एक ही सुर

Posted On: 10 Oct, 2014 Others में

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समाजवादी पार्टी का उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दिनाक 08.10.20014 से 10.10.2014 तक तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित हुआ। पार्टी के तमाम नेताओं ने अपने-अपने ढंग से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए समाजवादी सोच को प्रदर्शित किया। इन सभी वक्ताओं के सम्बोधन के मुख्य बिन्दु थे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार। प्रधानमंत्री के प्रति असंसदीय एवं अमर्यादित शब्दों एवं भाषा के प्रयोग में किसी ने कोई कोताही नहीं बरती बल्कि एक दूसरे में होड़ लगी हुई थी। ऐसा करके सभी समाजवादी परिवार में अपनी निष्ठा व्यक्त करते हुए उसे देश पर शासन करने का असली एवं स्वाभाविक हकदार सिद्ध करने का प्रयास कर रहे थे।
इसी प्रयास के क्रम में सपा सरकार में वरिष्ठ मंत्री आज़म ख़ान ने अपने सम्बोधन में कहा कि ‘मोदी दंगा कराने वाले हैं और फिर मुजफ्फर नगर और सहारनपुर जैसे दंगे करवाएँगे’। ये यहीं नही रुके बल्कि आगे कहा कि ‘भेड़िया खाल बदल कर आया है। 125 करोड़ लोगों के बादशाह मोदी के दामन पर बेगुनाहों (मुसलमानों) के कत्ल के दाग हैं’। आजम ख़ान के ये बोल पाकिस्तान के पीपीपी पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो के बयान “Modi must realize we can retaliate unlike his victims from Gujarat” का भारतीय शब्दांतरण है। दोनों का अभिप्राय गुजरात दंगो को लेकर मोदी को क्रमशः दंगाई घोषित करने एवं धमकाने का है। यद्यपि कि नरेंद्र मोदी को देश की जनता ने पूर्ण बहुमत देकर उनके नेतृत्व में सरकार बनवाने में अपना योगदान दिया है फिर भी आजम खान को लगता है कि वे दंगाई प्रधानमंत्री हैं। ऐसे शब्दों की अपेक्षा बिलावल भुट्टो एवं अन्य पाकिस्तानियों से तो की जा सकती है लेकिन किसी देशवासी से नहीं। आजम खान पाकिस्तानियों की भाषा में हमेशा बोलते रहते हैं, यही उनकी समाजवादी सेक्युलरिज्म है। उनके लिए भारत माँ ‘डाइन’ हैं, यही उनकी राष्ट्रभक्ति है।
गोरखपुर के समाजवादी पार्टी के नेता के. सी. पाण्डेय ने एक कदम आगे बढ़ते हुए कहा कि ‘मोदी राक्षस है, उसका विनाश संसद में बैठे सपा के पांडव सांसद करेंगे’। ये वही महाशय हैं जिन्होने गाय-तस्करों, जो समुदाय विशेष के थे, को छुड़वाने के लिए एस.एस.पी. गोंडा पर दबाव बनाया और सफल न होने पर उनका अन्यत्र ट्रांसफर करवा दिया। यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि ये ब्राह्मण महासभा के स्वयं-भू अध्यक्ष के रूप में ऐसा किया। इतना ही नहीं सपा के राष्ट्रीय के महासचिव किरण्मय नन्दा ने कहा कि ‘आरएसएस एक आतंकी संगठन है जो की देश के लिए खतरा है’। ऐसे ही बोल पाकिस्तानियों के होते हैं जो कि नरेंद्र मोदी और आरएसएस के बारे में बोलते रहते हैं। ऐसे में समाजवादी सेकुलरिस्टों एवं बिलावल आदि जैसे अन्य पाकिस्तानियों के बोल और दृष्टिकोण में कोई अंतर नहीं है। क्या यही सच्ची सेकुलरिज़्म है? या घोर सांप्रदायिकता।

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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

sadguruji के द्वारा
October 16, 2014

आदरणीया डॉ. एच. सी. सिंह जी ! मंच पर आपका स्वागत है ! इतने निष्पक्ष और यथार्थपूर्ण लेख के लिए बहुत बहुत अभिनन्दन और बधाई ! दरअसल ये लोग समाजवादी नहीं बल्कि परिवारवादी हैं और इस समय केंद्र की सत्ता से कोसो दूर छिटक जाने के कारण बौखलाए हुए हैं ! ये लोग हीनभावना से ग्रस्त हैं ! मोदीजी की आंधी अब रुकनेवाली नहीं है ! इन लोंगो को अब अपना भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है ! अच्छे लेखन के लिए शुभकामनाएं-सद्गुरुजी !

राजीव उपाध्याय के द्वारा
October 15, 2014

सही कहा है आपने ! बहुत सुंदर लेख

Shobha के द्वारा
October 11, 2014

श्री सिह साहब कसूर आजम खान का कम श्री मान पिता पुत्र की जोड़ी और UPकी जनता का है जिसे बिधान सभा में वोट देना न आया आजम जैसे तो बोलेंगे ही शोभा


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